सेक्सी औरत के साथ बस का सफर

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है. में पंजाब अमृतसर का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 27 साल है, मेरी हाईट 5 फुट 9 इंच है. मेरी यह स्टोरी बिल्कुल सच्ची है, इसमें कुछ झूठ नहीं है. यह बात जून की है. मुझे अपने क्लाइंट से मिलने जम्मू जाना था तो अमृतसर हॉल गेट से मैंने सुबह 6 बजे बस ली.

मेरी डीलक्स बस में सीट थी और सीट नम्बर 10 था और इसके पास वाली सीट नम्बर 9 जो विंडो सीट थी खाली थी. फिर मैंने कंडक्टर से बोला कि मुझे विंडो सीट दे दे, लेकिन उसने यह कहकर मना कर दिया कि सीट आगे से बुक है. फिर बस चली और फिर थोड़ी देर में बतला आ गया. अब में जो पहले से इस बात से दुखी था कि मुझे विंडो सीट नहीं मिली, यह देखकर खुश हो गया था की विंडो सीट पर एक लेडी बैठने वाली है, उसकी उम्र यही कोई 36-37 साल रही होगी और वो दिखने में भी बहुत सेक्सी थी. में ट्रेवल तो बहुत करता हूँ, लेकिन ऐसे चान्स बहुत कम आते है.

अब मुझे पता था कि टाईम ठीक कट जाएगा. फिर वो आई और अपनी सीट पर जाने के लिए बैठने लगी. अब बस चल चुकी थी.

बतला क्रॉस करते ही रेल्वे लाईन आती है, अब वो जब बैठ रही थी तो बस रेल्वे लाईन क्रॉस करने लगी, तो जिससे बस हिलने की वजह से उनका बैलेंस बिगड़ गया, क्योंकि वो मुझे क्रॉस करके अपनी सीट पर बैठ रही थी तो गिरते-गिरते उसका हाथ सीधा मेरी टाँगो के बीच में मेरी बाल्स पर आकर लगा. तभी में दर्द से चिल्लाया आअहह तो वो फटाफट से संभली और बैठते ही सॉरी बोलने लगी.

अब में अपने दोनों हाथो से अपनी बॉल्स सहला रहा था, वो झटका इतना ज़ोरदार था कि मेरी आँखों में भी पानी आ गया था. फिर उसने मुझे बहुत बार सॉरी कहा और ऐसा कहते-कहते उसका हाथ कई बार मेरी जांघो से टच किया.

अब दर्द और उसके हाथ दोनों की वजह से ही मेरा शेर खड़ा हो चुका था. तब में बोला कि कोई बात नहीं. फिर थोड़ी देर की बातों के बाद हम नॉर्मल हो गये. अब इतने में वो सो गयी थी, सुबह 6 बजे की बस में सब सो रहे होते है और अब में भी सोने की कोशिश करने लगा था, लेकिन अब मुझे नींद नहीं आ रही थी.

तब मैंने ऐसे ही उसके साथ चिपकना शुरू किया, कभी अपनी जांघो को उसकी जांघो से टच किया तो कभी कोहनी को उसके बूब्स की साईड पर टच किया, लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी कि उसकी जांघो पर अपना हाथ रखूं, लेकिन मेरा दिल कर रहा था. अब इससे पहले सेक्स के नाम पर मैंने अपनी कज़िन के बूब्स पकड़े थे या फिर एक इंशोरेंस एजेंट के साथ थोड़ा सा ओरल किया था. अब सब मेरी आँखो के सामने घूम रहा था और अब में उसको टच करना चाहता था.

फिर मैंने थोड़ा डरते- डरते पहले अपना एक हाथ अपनी जांघो पर रखा और जरा सा अपना हाथ उसकी जांघो को टच करवाया. अब वो सो रही थी, तो मैंने ऐसे ही अपना एक हाथ आगे बढ़ाया और फिर अपना हाथ वहीं रखकर सोने लगा और सोचा कि इससे आगे बाद में कोशिश करूँगा. तभी इतने में मैंने अपनी आँखे बंद कर ली और उसी पोज़िशन में 15 मिनट तक रहा.

वो उठी और उसने मेरा हाथ अपनी जांघो पर देखा, लेकिन वो बोली कुछ नहीं थी. अब में सब देख चुका था, लेकिन वैसे ही रहा. अब बारी उसकी थी, अब उसकी तड़प बढ़ रही थी तो तब उसने थोड़ी देर के बाद अपनी टाँग मेरी तरफ और सरकाई, ताकि मेरा हाथ और आगे जा सके.

अब मेरा एक हाथ सरककर उसकी चूत को टच कर रहा था. फिर मैंने बड़ी मुश्किल से थोड़ी हिम्मत की और हिला नहीं और बस अपना हाथ वहीं रखे रखा. अब उसके बर्दाश्त से बाहर हो गया था तो वो थोड़ी-थोड़ी खुद हिलने लगी थी. तभी इतने में गुरदासपुर की रेल्वे क्रॉसिंग आई और बस ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगी. तब उसने मजा लेने के लिए लिए अपनी दोनों टांगे खोल दी, ताकि मेरा हाथ हिलकर बीच में घुस जाए.

अब उसने मेरा हाथ अपनी दोनों टांगो के बीच में अपनी चूत के ऊपर फंसा लिया था. फिर उसने अपना एक हाथ मेरी पेंट पर रखकर सहलाना शुरू कर दिया. तो तब मुझे लगा कि में अब भी सोने का नाटक करूँगा तो मेरा ऐसे ही पानी छूट जाएगा. फिर मैंने अपनी आँखे खोली और उसकी तरफ देखा. तो तब उसने कहा कि में देख रही थी कि ज़्यादा तो नहीं लगी.

अब हम दोनों को दोनों की इच्छाए पता लग गयी थी, में पहली बार किसी इतनी उम्र की लेडी को ऐसे टच कर रहा था. अब टाईम 8 हो चुका था, अब हमें यह था कि लोग उठ सकते है और देख सकते है. तब में उठा और अपने लेपटॉप का बैग अपनी टांगो पर रख लिया. उसको भी यह स्कीम पसंद आई और फिर उसने भी एक बड़ी सी पॉलिथिन जिसमें कुछ खाने पीने की चीज़े थी, उसको अपने ऊपर रख लिया और फिर पॉलिथिन के नीचे से उसने मेरा हाथ अपनी सलवार में डाल दिया.

फिर उसने चिप्स का पैकेट खोला और चिप्स खाने लगी. फिर उसने पूछा कि आप भी लोंगे क्या? तो तब मैंने जैसे ही अपना एक हाथ आगे बढ़ाया. तो उसने कहा कि चिप्स के बदले लॉलीपोप देना पड़ेगा. तो तब मैंने कहा कि हाँ जरुर, कुछ भी करो.

लखानपुर में बस रुकी, तो हम दोनों बाथरूम करने के लिए एक रेस्टोरेंट में गये और फिर हम दोनों ने बाथरूम में घुसकर खूब किस और स्मूच की और मैंने उसके बूब्स भी दबाए. हमें सब बहुत जल्दी करना पड़ा था, मेरा मतलब हम भूख तो शांत कर रहे थे लेकिन हमें तसल्ली नहीं हो रही थी.

मैंने अपना पजामा नीचे किया और अपना अंडरवेयर उतार दिया. तो वो समझ गयी कि इससे बस में उसको मज़ा आने वाला है. फिर उसने भी ऐसा ही किया और अपनी पेंटी उतारकर अपने पर्स में डाल ली. फिर मैंने उसको ब्रा उतारने को भी बोला, लेकिन उसने कहा कि जम्मू उसको उसके घर से लेने आएँगे, तो वो समझ जाएँगे कि नीचे कुछ नहीं पहना है.

फिर मुझे ऐसे ही मानना पड़ा. अब बस फिर से चल गयी थी. अब हल्की-हल्की बारिश होने लगी थी तो मैंने और उसने चुन्नी अपने ऊपर ले ली और बैग भी एडजस्ट किए और फिर उसने मेरा लंड पकड़कर ऐसा ऊपर नीचे किया कि मुझे शर्ट बाहर निकालकर अपना गीला पजामा छुपाना पड़ा, पानी उसने भी छोड़ा था, लेकिन उसके सूट में किसी को पता नहीं चल रहा था.

अब पूर रास्ते में मुझे यही सोचकर मज़ा आ रहा था, हम ऊपर सबको कितने नॉर्मल लग रहे है? और नीचे क्या हो रहा है? फिर मैंने उससे पूछा कि वो कहाँ रहती है? तो तब उसने कहा कि यह सब इसलिए हुआ, क्योंकि हम एक दूसरे को नहीं जानते है, में कोई भी लम्बा रीलेशन नहीं चाहती जिससे मेरी शादीशुदा ज़िंदगी पर कोई असर पड़े, लेकिन कम मिलने वाले मौके का फायदा उठाने में बुराई नहीं है. अब में उसकी बात सुनकर शॉक हो गया था. फिर अगले दिन 30 जून को में सुबह 6 बजे की बस से अमृतसर आ गया, लेकिन इस बार मुझे कोई लेडी नहीं मिली.

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