मॉल में दोस्ती करके चोदा

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विक्की है. में 29 साल का हूँ और में लखनऊ में रहता हूँ. यह मेरा नये सेक्स का अनुभव है, जो कि 3 महीने पहले हुआ था. में एक दिन घर पर बैठा हुआ बोर हो रहा था तो में शाम को हजरतगंज में सहरगंज मॉल घूमने निकल पड़ा. अब वहाँ बहुत सारी लड़कियाँ अपने-अपने बॉयफ्रेंड के साथ घूम रही थी और मुझे जलन हो रही थी कि मेरे साथ कोई लड़की नहीं है.

अचानक से मैंने वहाँ एक 30-35 साल की लेडी को देखा, जो शायद अकेली थी. फिर में कुछ देर तक उसके आस-पास घूमता रहा, लेकिन मेरी कुछ कहने की हिम्मत नहीं हो रही थी. फिर अचानक से वो लेडी मॉल से बाहर निकल आई और पैदल जाने लगी. तो तब मैंने भी तुरंत अपनी बाइक निकाली और उसके पीछे-पीछे चल पड़ा. फिर कुछ दूर जाने पर में उसके बिल्कुल करीब पहुँच गया और कहा कि मेडम कहाँ जाना है? में आपको ड्रॉप कर दूँगा. तो पहले तो उसने एकदम मना कर दिया.

फिर मैंने जानबूझकर उससे कहा कि में भी इधर ही जा रहा हूँ, आपको छोड़ दूँगा. फिर मैंने उसे अपनी बाइक पर बैठाया और चल पड़ा. फिर मैंने उससे उसका नाम पूछा तो उसने बताया कि अंजू और वो लखनऊ के शहर के एक स्कूल में टीचर है. फिर उसने यह भी बताया कि उसकी शादी हो चुकी है और उसके पति इंजिनियर है, जो कि आजकल वाराणसी में पोस्टेड है, वो 10-15 दिन में 2-3 दिन के लिए लखनऊ आते है.

मैंने उससे उसका मोबाईल नम्बर लिया और अपना नम्बर उसे दे दिया. फिर मैंने उसे इंदिरा नगर के पास भूतनाथ मार्केट पर ड्रॉप कर दिया और लौट गया. फिर 3-4 दिन के बाद उसका एक मैसेज आया. तो तब मैंने कॉल करके उससे बात की, तो वो कुछ परेशान लग रही थी. तो तब मैंने कहा कि क्या में उससे मिल सकता हूँ? तो पहले तो वो हिचक रही थी और फिर बोली कि ठीक है कल में स्कूल नहीं जाऊँगी, तुम मेरे घर पर दोपहर में आना.

अगले दिन में उसके बताए हुए एड्रेस पर पहुँचा, तो वो घर पर अकेली थी. फिर मैंने उसकी बाकी की फेमिली के बारे में पूछा. तो उसने बताया कि उसका एक 8 साल का लड़का है, जो आजकल नाना के घर कानपुर गया है और वो बिल्कुल अकेली है, पति भी अगले हफ्ते ही आएँगे. फिर मैंने उससे पूछा कि आपको अकेले डर नहीं लगता? तो वो हंस पड़ी और बोली कि में कौन सी हिरोइन हूँ कि कोई मुझे छेड़ेगा? तो तब मैंने कहा कि अंजू मानो या ना मानो, लेकिन तुम बहुत ही सेक्सी हो. फिर यह सुनते ही वो उदास सी हो गयी. फिर मैंने उससे काफ़ी पूछा कि क्या हुआ? तो तब उसने बताया कि उसके पति सेक्स करने में बेकार है. तो तब मैंने कहा कि अगर तुम मुझे दोस्त मानती हो तो में तुम्हारी हर विश पूरी करूँगा, लेकिन वो उलझन में थी और कुछ नहीं बोली.

फिर मैंने धीरे से उसका एक हाथ पकड़ लिया और उस पर एक किस कर दी. तो वो एकदम से घबरा गयी और बोली कि नहीं यह गलत है, लेकिन मैंने उसका हाथ नहीं छोड़ा और उसे अपनी तरफ खींच लिया. अब वो कसमसा रही थी, लेकिन अब मैंने उसके होंठो पर भी किस कर दी थी. अब धीरे-धीरे वो भी मेरा साथ देने लगी थी. अब उसकी गर्म साँसे मेरे मुँह से टकरा रही थी.

मैंने उसे खूब कसकर अपनी बाँहों में जकड़ लिया था और अपनी जीभ उसके मुँह में डालकर किस करने लगा था. अब वो भी उत्तेजित होने लगी थी और अब मुझे उसके नाख़ून अपनी पीठ पर महसूस होने लगे थे. फिर मैंने उसकी साड़ी के ऊपर से उसकी मस्त चूचीयों को दबाना शुरू कर दिया, तो वो एकदम मस्त हो गयी. फिर उसने मुझे बेडरूम में चलने को कहा और वहाँ पहुँचकर मैंने उसकी साड़ी उतार दी. अब वो मेरे सामने ब्लाउज और पेटीकोट में कयामत नजर आ रही थी.

फिर मैंने उसकी नाभि पर किस करना शुरू किया और उसके ब्लाउज के हुक एक-एक करके खोल डाले. अब उसकी ब्लेक ब्रा में 38 साईज की मस्त चूचीयाँ मुझे मदहोश कर रही थी. फिर मैंने झट से उसकी ब्रा भी उतार दी, सच बताऊँ ऐसी चूचीयाँ मैंने आज तक नहीं देखी थी, खूब मस्त और नुकीली चूचीयाँ थी उसकी और उसका ब्लेक कलर का निप्पल इतना मोटा और कड़क था कि मैंने उसकी चूचीयों को अपने मुँह में लेने में एक पल की देरी नहीं की. अब वो भी मुझे मेरे कपड़े उतारने को कहने लगी थी.

झट से मैंने अपनी जीन्स और टी-शर्ट उतार दी और उसके सामने केवल अंडरवेयर में आकर लेट गया था. अब मेरे लंड का पानी मेरी अंडरवेयर पर चमक रहा था. फिर उसने अपना एक हाथ मेरी अंडरवेयर में डालकर मेरे लंड को सहलाना शुरू किया तो में तो बैचेन होने लगा. फिर मैंने उसके पेटीकोट का नाड़ा खोलकर उसे उसके शरीर से अलग कर दिया. तब मैंने देखा कि उसने लाल कलर की पेंटी पहनी थी.

फिर मैंने उसकी पेंटी में अपना एक हाथ डाल दिया और कसम से क्या चूत थी उसकी? उसका क्लाइटॉरिस तो इतना मोटा था कि मज़ा आ गया था. अब उसकी चूत एकदम गीली हो चुकी थी. अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था. फिर मैंने अपना अंडरवेयर और उसकी पेंटी उतार दी. अब रूम में लाईट जल रही थी इसलिए अब वो शर्मा रही थी और लाईट बंद करने के लिए कहने लगी थी, लेकिन मैंने मना कर दिया और उससे बोला कि जान में लाईट में तुम्हारा एक-एक अंग चूमना चाहता हूँ. फिर हम दोनो 69 की पोज़िशन में लेटकर एक दूसरे की चूत और लंड मुँह में लेकर किस करने लगे.

अब मुझे उसकी चूत का नमकीन पानी इतना अच्छा लग रहा था कि में पूरा का पूरा उसे चाट गया था. अब वो मेरे लंड को जिस तरह से लॉलीपोप की तरह चूस रही थी, जिससे में ना चाहते हुए भी एक बार उसके मुँह में ही डिसचार्ज हो गया था. अब उसके मुँह में मेरा पूरा वीर्य भर गया था, जो उसके होंठो से बाहर टपकने लगा था, जिसे मैंने उसकी चूचीयों पर लगा दिया था.

अब वो मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत पर रगड़ने लगी थी. अब मेरा लंड तो फंनफना रहा था, उस समय मेरा लंड कम से कम 9 इंच का हो चुका था. उसकी चूत बहुत गर्म और टाईट लग रही थी. अब मेरा लंड थोड़ा ही उसकी चूत में अंदर जा पाया था कि वो दर्द से चीख पड़ी और कहने लगी कि तुम्हारा लंड तो बहुत मोटा है, मेरी चूत का बुरा हाल कर देगा. अब मुझे उम्मीद नहीं थी एक लड़का पैदा करने के बाद भी किसी की चूत इतनी टाईट हो सकती है.

तब उसने बताया कि उसका लड़का ऑपरेशन से हुआ था. अब मैंने धीरे-धीरे अपना लंड उसकी टाईट गर्म-गर्म चूत में और अंदर डालना शुरू कर दिया था और उसकी चूचीयों को बारी-बारी से अपने मुँह में लेकर चूसने लगा था. अब में पूरी ताकत के साथ कस-कसकर उसकी चूत में मेरे लंड को अंदर बाहर करने लगा था.

अब पूरे रूम में पच-पच की आवाज आने लगी थी. अब मेरा और उसका पसीने से बुरा हाल था, जबकि रूम में ए.सी चल रहा था. फिर करीब 15 मिनट तक धक्के मारने के बाद में एकदम से उसकी चूत के अंदर ही झड़ गया और उसकी चूत को अपने वीर्य से लबालब भर दिया. फिर उसके बाद में उसके ऊपर ही लेट गया. फिर थोड़ी देर के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा तो तब मैंने उसे अपने ऊपर आने को कहा. फिर जब उसने अपने हाथ से अपनी चूत को फैलाया, तो मुझे उसकी चूत के अंदर लाल रंग का छेद नजर आ रहा था, जहाँ मेरा लंड एकदम फिट हो गया था. फिर उस दिन मैंने उसकी गांड भी मारी और पूरे 3 घंटे तक उसकी जमकर चुदाई की. अब में उसके बाद कई बार उसे चोद चुका हूँ, लेकिन अब उससे मिलना नहीं हो पा रहा है.

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